Haryana ESI Scam 2026: सीएम नायब सिंह सैनी का 'भ्रष्टाचार' पर कड़ा प्रहार, 6 अस्पताल पैनल से बाहर, ACB करेगी जांच
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सेंध लगाने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए एक बड़ा एक्शन लिया है। राज्य के कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) नेटवर्क में करोड़ों रुपये के कथित 'रेफरल घोटाले' के सामने आने के बाद, सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों और मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या निजी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। ज़्यावार्ता (Zyvarta) की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको इस घोटाले की हर एक परत और सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों की विस्तृत जानकारी देंगे।
ESI रेफरल घोटाला: आखिर क्या था ये पूरा खेल?
यह पूरा मामला पानीपत के ESI अस्पताल से शुरू हुआ, जहाँ डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के बीच एक गहरा गठजोड़ सामने आया है। जांच में पता चला है कि साल 2020-21 से 2023-24 के बीच सरकारी डॉक्टरों ने जानबूझकर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया था, ताकि वहां से मोटा कमीशन वसूला जा सके।
- फर्जी हस्ताक्षर (Fake Signatures): रेफरल दस्तावेजों की जांच के दौरान डॉक्टरों के हस्ताक्षरों में भारी विसंगतियां पाई गईं, जिससे यह साबित हुआ कि कई रेफरल फर्जी तरीके से किए गए थे।
- निजी अस्पतालों का फायदा: 6 ऐसे निजी अस्पतालों की पहचान की गई है जो इस घोटाले में सीधे तौर पर शामिल थे।
बड़ा एक्शन: अस्पतालों की छुट्टी और अधिकारियों पर गाज
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस रिपोर्ट को देखने के बाद तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
- अस्पतालों का डि-एम्पैनलमेंट (De-empanelment): 6 दोषी निजी अस्पतालों को सरकारी पैनल से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- निलंबन (Suspensions): पानीपत ESI अस्पताल के 3 कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
- डिसीप्लिनरी एक्शन: लापरवाही बरतने वाले 5 मेडिकल सुपरिंटेंडेंट्स के खिलाफ कड़ा अनुशासनात्मक एक्शन लिया गया है।
- ACB जांच: एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) अब पूरे हरियाणा के 133 अन्य सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की जांच करेगी।
मरीजों को राहत: अस्पतालों का होगा विस्तार (Infrastructure Upgrades)
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के साथ-साथ, सरकार ने ESI अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के लिए करोड़ों का बजट और योजनाएं जारी की हैं:
| अस्पताल का स्थान | वर्तमान बेड | नया अपडेट/विस्तार |
|---|---|---|
| पानीपत ESI | 75 बेड | 100 बेड + अपग्रेडेड OT |
| जगाधरी ESI | 80 बेड | 100 बेड तक विस्तार |
| हिसार डिस्पेंसरी | 12 बेड | 50 बेड की क्षमता |
इसके अलावा, बावल और बहादुरगढ़ में 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों का निर्माण कार्य भी तेज कर दिया गया है।
ज़्यावार्ता (Zyvarta) का निष्कर्ष: क्या बदलेगी हरियाणा की सेहत?
हरियाणा सरकार का यह सख्त कदम उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा सबक है जो जनता के टैक्स के पैसे और मजदूरों की सेहत के साथ सौदा करते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ही अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
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