Washington Firing 2026: डोनाल्ड ट्रंप के डिनर कार्यक्रम में चली गोलियां, 'सीक्रेट सर्विस' ने अभेद्य दीवार बनकर बचाई जान
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में एक बार फिर बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। वाशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित प्रतिष्ठित 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर' (WHCA) के दौरान अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे।
हमले के तुरंत बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस (USSS) के एजेंट्स ने अपनी जान पर खेलकर ट्रंप परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। ज़्यावार्ता (Zyvarta) की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि आखिर यह हमलावर कौन था, पीएम मोदी ने क्या कहा, और दुनिया की सबसे खतरनाक सुरक्षा एजेंसी 'US Secret Service' कैसे काम करती है।
6 राउंड फायरिंग और सीक्रेट सर्विस का एक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर ने कई हथियारों के साथ सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर हमला करने की कोशिश की और करीब 6 राउंड फायर किए। गोलियों की आवाज़ सुनते ही स्पेशल फोर्स के स्नाइपर्स ने तुरंत हाई पावर लाइट ऑन कर दी और सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति को एक सुरक्षित घेरे (Invisible Shield) में लेकर मंच से बाहर निकाल लिया।
- हमलावर कौन है? अमेरिकी लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों और ट्रंप की प्रेस ब्रीफिंग के अनुसार, गिरफ्तार किया गया हमलावर कैलिफोर्निया का रहने वाला एक 30 वर्षीय व्यक्ति है।
- ईरान से कोई लिंक नहीं: अफवाहों पर विराम लगाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि इस हमले का ईरान या किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश से कोई संबंध नहीं है; हमलावर अकेला ही काम कर रहा था।
- ऑफिसर घायल: इस मुठभेड़ में एक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ऑफिसर को गोली लगी, जो उनके प्रोटेक्टिव गियर (बुलेटप्रूफ कवर) पर जा लगी। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है।
पीएम मोदी ने हमले की निंदा की
इस घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वाशिंगटन डीसी की घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और जेडी वेंस के सुरक्षित होने की खबर जानकर बड़ी राहत मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और इस कृत्य की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
क्या है US Secret Service? (जाली नोटों से लेकर राष्ट्रपति की सुरक्षा तक)
ट्रंप की जान बचाने वाली 'यूएस सीक्रेट सर्विस' (USSS) का इतिहास किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि 1865 में जब अब्राहम लिंकन ने इस एजेंसी की स्थापना की थी, तब इसका काम राष्ट्रपति को बचाना नहीं, बल्कि देश में चल रहे 'नकली नोटों' (Counterfeit Currency) के भारी संकट को रोकना था। उस समय अमेरिका की एक-तिहाई करेंसी नकली हो चुकी थी। विडंबना यह रही कि जिस दिन लिंकन ने इसके आदेश पर हस्ताक्षर किए, उसी दिन उनकी हत्या कर दी गई।
वर्तमान में यह एजेंसी 'होमलैंड सुरक्षा विभाग' (Department of Homeland Security) के अधीन काम करती है। आज इसके पास दोहरी ज़िम्मेदारी है— पहली, वित्तीय और साइबर अपराधों को रोकना, और दूसरी, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विदेशी मेहमानों को अभेद्य सुरक्षा (Invisible Shield) प्रदान करना।
ज़्यावार्ता (Zyvarta) का निष्कर्ष
व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर जैसे हाई-सिक्योरिटी इवेंट में हथियारबंद व्यक्ति का पहुंच जाना अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि, सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की फुर्ती ने यह साबित कर दिया कि वे दुनिया की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसियों में से एक क्यों माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी सबसे सटीक ख़बरों के लिए जुड़े रहें Zyvarta के साथ।
Post a Comment